अजीत की दुनिया
Monday, 12 November 2012
Thursday, 25 October 2012
रवणा हुआ अभागा
रवणा को रावण फुके
देखो ये अजुबा
जिस धागे से जानी थी
चिंगारी रवणा की ओर
बदल अपनी छोर
वापस भागी रावण की ओर
देख जनता हाँसी
रावण देख परिस्थिति भागा
देख रवणा दृश्य बोला
ई कौन सा अजुबा है
रावण तो मै, और दशहरा तो मेरा है
तों यह नए रावण कहाँ से आगए
तब रवणा भी गुस्साया
वह भी जनता के साथ रावण को दौड़ाया
रावण का था नहीं बचना अब आसान
इस लिए लाल बत्ती लेकर भागा
फिर जनता निराश हुई
रवणा फिर अपने स्थान
आ खड़ा हुआ
अपने को अभागा कहके रो रहा
कहता की मुझे तो मेरी गलती का पछतावा
है
पहले मै तो अकेला रावण था
और अकेले जलता था
पर यह रावण जो भागा है
इसका तो कोई नहीं ठिकाना है
यही सब है भ्रष्टाचार और मँहगाई के कारण
कब होगा इनका निवारण
पहले इन रावणों को हटाओ
इन पापियों को मिटाओ
फिर मुझे जलाव
और खुशी से दशहरा मनाव |
रावण : तमाम वह भ्रष्टाचारी
जो देश को खोखला कर रहे है |
रवणा : लंकेश श्री
रावण
Saturday, 31 December 2011
नव वर्ष की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ ....
Happy New Year2012

नव वर्ष की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ ..
नव वर्ष की बधाई एवं स्वागत एक कविता के साथ
शुभकामनाएँ
साल कब बिता संकेत अन्त में मिला
स्वपन तो अन्नंत देखा था किन्तु कुछ पूर्ण हुए
साल भर के परिश्रम को देखा तो लगा जैसे कुछ किया है
साल में जो कुछ भूल चूक हुआ उसे अब शुधार लिया है
हुई जो गलती मुझसे करिये गा मुझे माफ
और नव वर्ष में कुछ नया करने का हौसला दीजियेगा मुझे
ये साल बिता सुख और शान्ति से इसके लिए धन्यवाद देता आपको
दुआ करता प्रभु से आप के सुख के लिए
नए वर्ष की शुभकामनाएँ है मेरे तरफ से आप के लिए |
Saturday, 24 December 2011
Sunday, 27 November 2011
Wednesday, 9 November 2011
कफ़न
25 वर्ष आदमी जो कि अपना घर परिवार चलाने के लिए गलत कार्य करने लगा था | जिसका नाम सोनू था | खून-खराबा, चोरी, डकैती आदी उसका रोज का काम था | एक दिन कि बात है एक साधारण सा आदमी बैंक से पैसा निकाल कर आया | वह अपनी बेटी कि शादी का इंतजाम कर रहा था | सोनू ने अपने चाकू से उस आदमी को डराया और चुपचाप पैसा देने को कहा | उसने पैसा देने से मना कर दिया तों सोनू ने उसे वहीं चाकू से मार दिया | वह तड़प रहा और अपनी बेटी को याद कर रहा था | इधर सोनू उसका पैसा लेकर चल देता है |
वह आदमी उस पापी सोनू को कहता है कि तुम्हारी सबसे प्यारीं चिज तुमसे जल्द ही दूर जाने वाली है और वह भगवान को प्यारा हो जाता है |
कुछ दिन बाद जब वह उस पैसे से अपने परिवार वालो के लिए कपड़ा लाता है | अपनी बीवी, दो बेटे को कपड़ा देने के बाद जब वह अपनी बेटी को कपड़ा देता है तों उसे अपने हाथ में कफ़न नज़र आता है |
वह डर जाता है और सोचने लगता है कि यह कफ़न किसके लिए है | क्योंकि वह अपने प्राण से और बेटी दोनो से प्यारा करता है |
Monday, 31 October 2011
देखो कांग्रेस ने अविष्कार किया ..
देखो कांग्रेस सरकार ने
नया अविष्कार किया
महगाई बम बनाकर
देश में फोड़ दिया |
यह नहीं रखते बम
किसी शहर, गली-मोहल्ले में
इन होने तों उड़ा दिया
मीटिंग कर
पुरे देश को |
Subscribe to:
Comments (Atom)













