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Wednesday, 9 November 2011

कफ़न


25 वर्ष आदमी जो कि अपना घर परिवार चलाने के लिए गलत कार्य करने लगा था | जिसका नाम सोनू था | खून-खराबा, चोरी, ‌डकैती आदी उसका रोज का काम था | एक दिन कि बात है एक साधारण सा आदमी बैंक से पैसा निकाल कर आया | वह अपनी बेटी कि शादी का इंतजाम कर रहा था | सोनू ने अपने चाकू से उस आदमी को डराया और चुपचाप पैसा देने को कहा | उसने पैसा देने से मना कर दिया तों सोनू ने उसे वहीं चाकू से मार दिया | वह तड़प रहा और अपनी बेटी को याद कर रहा था | इधर सोनू उसका पैसा लेकर चल देता है |

      वह आदमी उस पापी सोनू को कहता है कि तुम्हारी सबसे प्यारीं चिज तुमसे जल्द ही दूर जाने वाली है और वह भगवान को प्यारा हो जाता है |

      कुछ दिन बाद जब वह उस पैसे से अपने परिवार वालो के लिए कपड़ा लाता है | अपनी बीवी, दो बेटे को कपड़ा देने के बाद जब वह अपनी बेटी को कपड़ा देता है तों उसे अपने हाथ में कफ़न नज़र आता है |

      वह डर जाता है और सोचने लगता है कि यह कफ़न किसके लिए है | क्योंकि वह अपने प्राण से और बेटी दोनो से प्यारा करता है |

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