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Saturday, 31 December 2011

नव वर्ष की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ ....

Happy New Year2012







                            नव वर्ष की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ ..

                         नव वर्ष की बधाई एवं स्वागत एक कविता के साथ



शुभकामनाएँ



साल कब बिता संकेत अन्त में मिला

स्वपन तो अन्नंत देखा था किन्तु कुछ पूर्ण हुए

साल भर के परिश्रम को देखा तो लगा जैसे कुछ किया है

साल में जो कुछ भूल चूक हुआ उसे अब शुधार लिया है

हुई जो गलती मुझसे करिये गा मुझे माफ

और नव वर्ष में कुछ नया करने का हौसला दीजियेगा मुझे

ये साल बिता सुख और शान्ति से इसके लिए धन्यवाद देता आपको

दुआ करता प्रभु से आप के सुख  के लिए

नए वर्ष की शुभकामनाएँ है मेरे तरफ से आप के लिए  |



Saturday, 24 December 2011

मेर्री क्रिसमस



 
लाल कपड़े में कोई घूम रहा है
अपने को सेंताकलाज कह कर खूब झूम रहा है |

आप सभी को क्रिसमस की हार्धिक बधाई एवं शुभकामनाएँ |

Sunday, 27 November 2011

देख लो जनता ध्यान से













क्यों नहीं लग रही कसाब को फासी
कही यह भी तो नहीं भ्रष्टाचार का साथी
सरकार कर रही है लेट
कही कोई दे तो नहीं रहा सरकार को भेट
देख लो जनता ध्यान से

कही यह कसाब तो नहीं है फेक |

Wednesday, 9 November 2011

कफ़न


25 वर्ष आदमी जो कि अपना घर परिवार चलाने के लिए गलत कार्य करने लगा था | जिसका नाम सोनू था | खून-खराबा, चोरी, ‌डकैती आदी उसका रोज का काम था | एक दिन कि बात है एक साधारण सा आदमी बैंक से पैसा निकाल कर आया | वह अपनी बेटी कि शादी का इंतजाम कर रहा था | सोनू ने अपने चाकू से उस आदमी को डराया और चुपचाप पैसा देने को कहा | उसने पैसा देने से मना कर दिया तों सोनू ने उसे वहीं चाकू से मार दिया | वह तड़प रहा और अपनी बेटी को याद कर रहा था | इधर सोनू उसका पैसा लेकर चल देता है |

      वह आदमी उस पापी सोनू को कहता है कि तुम्हारी सबसे प्यारीं चिज तुमसे जल्द ही दूर जाने वाली है और वह भगवान को प्यारा हो जाता है |

      कुछ दिन बाद जब वह उस पैसे से अपने परिवार वालो के लिए कपड़ा लाता है | अपनी बीवी, दो बेटे को कपड़ा देने के बाद जब वह अपनी बेटी को कपड़ा देता है तों उसे अपने हाथ में कफ़न नज़र आता है |

      वह डर जाता है और सोचने लगता है कि यह कफ़न किसके लिए है | क्योंकि वह अपने प्राण से और बेटी दोनो से प्यारा करता है |

Monday, 31 October 2011

देखो कांग्रेस ने अविष्कार किया ..

देखो कांग्रेस सरकार ने
नया अविष्कार किया
महगाई बम बनाकर
देश में फोड़ दिया |
यह नहीं रखते बम
किसी शहर, गली-मोहल्ले में
इन होने तों उड़ा दिया
मीटिंग कर
पुरे देश को |

Friday, 28 October 2011

पहचान

परिस्थिति का कोई भरोसा नहीं
कब किधर मुड़ जाये
अब देखो
उस बेबस,बेसहारा महिला को
गरीबी से मार खाती
जिसके इंतजार में
अपना एक-एक दिन गिना
जिसको अपने गर्भ में नहीं
दिल में रखा
आते ही दुनिया में
रख दिया उसे
कूड़ेदान में
उस नन्हे की आवाज़
सुन जैसे हो जाता मन निर्मल शांन्त
लेकिन कोई नहीं उसको पहचान देने वाला
वह अपने आस-पास खड़े लोगो में
खोज रहा अपनी माँ को
पुकार रहा….
माँ आओ
आओ ना
मुझे मेरी पहचान दो |